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Love Shayari

बदलना आता नहीं हमे मौसम की तरह,
हर इक रुत में तेरा इंतज़ार करते हैं,
ना तुम समझ सकोगे जिसे क़यामत तक,
कसम तुम्हारी तुम्हे हम इतना प्यार करते हैं|

मोहब्बत की गवाही अपने
होने की ख़बर ले जा…
जिधर वो शख़्स रहता है
मुझे ऐ दिल! उधर ले जा…….

आग दिल में लगी जब वो खफ़ा हुए,
महसूस हुआ तब, जब वो जुदा हुए,
करके वफ़ा कुछ दे ना सके वो,
पर बहुत कुछ दे गए जब वो बेवफ़ा हुए!

छोड़ तो सकता हूँ,
मगर..
छोड़ नहीं पाता उसे,
वो शख्स मेरी बिगड़ी हुई..
आदत की तरह है……

हाल अपने दिल का,
मैं तुम्हें सुना नहीं पाती हूँ..
जो सोचती रहती हूँ हरपल,
होंठो तक ला नहीं पाती हूँ..
बेशक बहुत मोहब्बत है,
तुम्हारे लिए मेरे इस दिल में..
पर पता नहीं क्यों तुमको,
फिर भी मैं बता नहीं पाती हूँ…….

तेरी धड़कन ही ज़िंदगी का किस्सा है मेरा,
तू ज़िंदगी का एक अहम् हिस्सा है मेरा..
मेरी मोहब्बत तुझसे, सिर्फ़ लफ्जों की नहीं है,
तेरी रूह से रूह तक का रिश्ता है मेरा..!!!!!!!!




आप खुद नहीं जानती आप कितनी प्यारी हो,
जान हो हमारी पर जान से प्यारी हो,
दूरियों क होने से कोई फर्क नही पड़ता
आप कल भी हमारी थी और आज बी हमारी हो..

आपकी नशीली यादों में डूबकर,
हमने इश्क की गहराई को समझा,
आप तो दे रहे थे धोखा और,
हमने जानकर भी कभी आपको बेवफा न समझा।
हम ने देखी है उन आँखों की महकती खुशबू ,
हाथ से छूके इसे रिश्तों का इल्जाम ना दो;
सिर्फ एहसास है ये, रूह से महसूस करो,
प्यार को प्यार ही रहने दो, कोई नाम ना दो..!!

लम्हे जुदाई के बेकरार करते हैं,
हालात मेरे मुझे लाचार करते हैं,
आँखे मेरी पढ़ लो कभी,
हम खुद कैसे कहे की आपसे प्यार करते हैं…

लम्हों की दौलत से दोनों महरूम रहे ,
मुझे चुराना न आया,
तुम्हें कमाना न आया..

कल तुम्हे फुरसत ना मिली तो क्या करोगे,
इतनी मोहलत ना मिली तो क्या करोगे,
रोज़ कहते हो कल बात करेंगे,
कल हमारी आँखें ही ना खुली तो क्या करोगे..

सिर्फ इशारों में होती महोब्बत अगर,
इन अलफाजों को खुबसूरती कौन देता,
बस पत्थर बन के रह जाता ‘ताज महल’
अगर इश्क इसे अपनी पहचान ना देता..




आँखो की चमक पलकों की शान हो तुम,
चेहरे की हँसी लबों की मुस्कान हो तुम,
धड़कता है दिल बस तुम्हारी आरज़ू मे,
फिर कैसे ना कहूँ मेरी जान हो तुम..

प्यार करो दुख मत देना,
किसी को आँसुअों का तोहफा मत देना,
दिल से कोसे जिंदगी भर कोई तुम्हे,
ऐसा मौका किसी को मत देना..

लोग कहते है कि..
बड़ी शिद्दत से पाया था उनको..
पर उनको कैसे बताए कि हम कुछ नही है..
वो शिद्दत ही उनकी थी..

ये मेहताब चेहरा ,ये मखमूर आँखें !
कहीं होश मेरा न खो जाए,
न देखूं तो न चैन मिले,
देखूं तो मोहब्बत हो जाए !

तमन्ना हो मिलने की तो,
बंद आँखों मे भी नज़र आएँगे,
महसूस करने की कोशिश तो कीजिए,
दूर होते हुए भी पास नज़र आएँगे..

कहने को तो बहुत सी बातें हैं
इस दिल में मेरे हमदम
मुख़्तसर लफ़्ज़ों में सुन लो
मेरी आखिरी ख्वाइश हो तुम




मुहब्बत का इम्तिहान आसान नहीं!
प्यार सिर्फ पाने का नाम नहीं!
मुद्दतें बीत जाती हैं किसी के इंतज़ार में!
ये सिर्फ पल-दो-पल का काम नहीं!

सिलसिला ख़त्म क्यों करना, जारी ही रहने दो,
इश्क में बाकी थोड़ी-बहुत उधारी भी रहने दो,
वो करता है जुल्म मुझपे, लाता है आँखों में आंसू,
नाम उनके दर्दे-मोहब्बत में ये सितम भी सहने दो..

हम ने देखी है उन आँखों की महकती खुशबू ,
हाथ से छूके इसे रिश्तों का इल्जाम ना दो;
सिर्फ एहसास है ये, रूह से महसूस करो,
प्यार को प्यार ही रहने दो, कोई नाम ना दो..!!

क्यों आए मेरी जिंदगी में गर जाना ही था,
क्यों हँसाया मुझे गर रूलाना ही था,
क्या मैंने कहा था के मुझे तुम्हारी जरूरत है आओ पास मेरे,
क्यों पास आए गर दूरियों को बढ़ाना ही था..

जाने कैसे कैसे रूप, दिखाती हैं ये पत्नियाँ
फिर भी सबके मन को भाती हैं ये पत्नियाँ
भोला भोला पति बेचारा समझ नहीं पाता
किस बात पर कब रूठ जाती हैं ये पत्नियाँ
थोड़ी सी तकरार है, है फिर थोड़ा प्यार भी,
रुलाकर हमें, प्यार से, हंसाती हैं ये पत्नियाँ
भोर में थकावट है, शाम को सजावट है
सारे रिश्ते प्यार से, निभाती हैं ये पत्नियाँ
थोड़ी सी नजाकत है, है थोड़ी शरारत भी
नाज नखरे भी कभी, दिखाती हैं ये पत्नियाँ
सुबह शाम पूजा करतीं, और रसोई में लगतीं
खाने में जाने क्या क्या पकाती हैं ये पत्नियाँ
ख्यालों में कभी खोयीं, या रातों में नहीं सोयीं
अपने सारे गम हमसे, छुपातीं हैं ये पत्नियाँ
मांगें लम्बी उमर पति की, सारे व्रत रख कर
कभी पति से व्रत नहीं, रखातीं हैं ये पत्नियाँ
मन कभी उदास हो, या सोच में डूबे हों हम
होकर भावुक सीने से, लगाती हैं ये पत्नियाँ
छोड के बाबुल का घर, सपने आँखों में लिये
सजाने को घर पिया का, आतीं हैं ये पत्नियाँ
ना दिन में आराम है, ना रात को विश्राम है
कुछ भी हो, घर को घर बनाती हैं ये पत्नियाँ

ऐ मेरे हमनशी चल कहीं और चल
इस चमन में अब अपना गुज़ारा नहीं
फूलों की बात होती तो सह लेते
अब तो कांटो पे भी हक हमारा नहीं ! 🙁

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